BAMS: Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery

BAMS बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी होता है।

यह एक अंडर ग्रैजुएट लेवल का प्रोग्राम होता है इसके अंतर्गत छात्रों को मॉडर्न मेडिकल साइंस एंड ट्रेडीशनल मेडिसिन को कंबाइन करके छात्रों को सिखाया जाता है।BAMS का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेदा विज्ञान से इलाज करना होता है।

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यह कोर्स 5 .5 वर्ष का कोर्स होता है जिसके अंतर्गत 1 साल की इंटर्नशिप भी होती है।

BAMS कोर्स ओवरव्यू

कोर्स का स्तरअंडर ग्रेजुएट (UG)
कोर्स अवधि5 वर्ष 6 महीने
प्रवेश परीक्षाएंNEET , IPUCET, KEAM etc
योग्यता मानदंड12वी कक्षा 50% न्यूनतम अंक, PCB आवश्यक है
कोर्स फ़ीस18,000 INR – 2,00,000 INR(प्रति वर्ष)
औसतन सैलरी2,10,000INR- 13,00,000INR(प्रति वर्ष)
BHMS Overview

दुनिया में ऐसे बहुत लोग होते हैं जो एलोपैथिक दवाइयों से संतुष्ट नहीं होते वह आयुर्वेदिक दवाइयों से ही अपना इलाज करवाते हैं ।आयुर्वेदिक दवाई काफी ज्यादा बेहतर मानी जाती है, क्योंकि इन आयुर्वेदिक उपचार का कोई भी साइड इफेक्ट्स नही होता है। आयुर्वेदिक दवाइयां एक प्रकार से नेचुरल चीजों का सबसे ज्यादा यूज करती हैं।

विश्व भर में आयुर्वेदिक डॉक्टरों की मांग समय के साथ बढ़ती ही जा रही है।आयुर्वेदा प्राचीन समय से मौजूद है।

यदि आपका इंटरेस्ट आयुर्वेदिक क्षेत्र में अपना भविष्य बनने में है तो बम कोर्स आपके लिए काफ़ी अच्छा साबित होगा। बीएमएस कोर्स करने के बाद डॉक्टर भी बन जाएंगे।

आप 12वीं कक्षा में कम से कम 50% से अंको से पास होने चाहिए और साथ ही आपके पास फिजिक्स केमिस्ट्री और बायलॉजी विषय होने चाहिए।

बारहवीं कक्षा के बाद आपको बीएमएस कोर्स के लिए नीट परीक्षा देनी होती है या फिर आप प्राइवेट यूनिवर्सिटी से बिना नेट परीक्षा दिए बी एम एस कर सकते हैं।

क्या बीएएमएस एमबीबीएस से अच्छा है?

आज के समय में एमबीबीएस को सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि एमबीबीएस डॉक्टर और एलोपैथी का काफी ज्यादा चलन है।

D- Pharama

फिर भी कुछ लोग ऐसे होते हैं जो सामान्य थे एलोपैथिक इलाज नहीं करवाते हैं या वह आयुर्वेदिक या फिर होम्योपैथिक इलाज ही ढूंढते हैं।

BAMS पात्रता मानदंड।

  • उम्मीदवारों के 12वीं कक्षा में कम न्यूनतम अंक 50% होनी चाहिए ।
  • उम्मीदवार 12वीं कक्षा से फिजिक्स केमेस्ट्री एंड बायोलॉजी मुख्य सब्जेक्ट की तरह होने चाहिए।

बीएमएस प्रवेश परीक्षाएं(Entrance Exams For BAMS)

BAMS की कुछ मुख्य प्रवेश परीक्षाएं-

  • IPU CET(Indraprastha University common entrance test)
  • KEAM (Kerala Engineering , Agriculture and Medical)
  • NEET(National Eligibility Entrance Test )
  • BVP CET(Bharti Vidyapeeth Common Entrance Test)

बीएमएस पाठ्यक्रम(BAMS Syllabus)

बीएमएस पाठ्यक्रम में विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल होती है यह पूरी तरह से के एकीकृत पाठ्यक्रम में जिसमें छात्रों को आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुर्वेदिक जैसी पारंपरिक चिकित्सा की मदद से किसी बीमारी का इलाज करना सिखाया जाता है।

बीएमएस कोर्स को चार प्रोफेशनल (खंडो )में बांटा गया है।

फर्स्ट प्रोफेशनल

  • फर्स्ट प्रोफेशनल के अंतर्गत
  • संस्कृत।
  • क्रिया शरीर।
  • रचना शरीर।
  • मौलिक सिद्धांत एवं अस्थंग हृदय।
  • पदार्थ विज्ञान आयुर्वेदिक इतिहास

सेकंड प्रोफेशनल

  • रोग निदान
  • चरक संहिता
  • रसशास्त्र
  • द्रव्यगुणा विघ्यान

थर्ड प्रोफेशनल

  • स्वास्थ्रवृत्त
  • अगद्तंत्र
  • प्रसुती तंत्र एवम स्त्री रोग
  • चरक संहिता
  • कौमारभृत्य परिचय

फोर्थ प्रोफेशनल

  • कयाचिक्त्शा
  • पंचकर्मा
  • शल्य तंत्र
  • Research Methodology and Medical Statics.

BAMS Specialization

  • अंग तंत्र
  • रोग & विकृति विज्ञान
  • प्रसुति और स्त्री रोग
  • शल्य तंत्र
  • रस तंत्र
  • शरीर क्रिया

इनके अलावा कई अन्य स्पेशलाइजेशन पद होते हैं।

सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिकल के अनुसार भारत के अंदर 247 बीएएमएस कॉलेज उपस्थित हैं।

इनमें से 38 कॉलेज सरकारी कॉलेज है।

चलिए अब जानते हैं कुछ प्रमुख कॉलेजों के नाम

  • राजीव गांधी पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट,
  • गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली
  • जेबी रॉय स्टेट आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज, कोलकाता
  • गौतम कॉलेज, बेंगलुरु
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड रिसर्च, बेंगलुरु
  • भारती विद्यापीठ कॉलेज आफ आयुर्वेद, पुणे

BAMS के बाद नौकरी

पूरा होने के बाद छात्र सरकारी तथा प्राइवेट आयुर्वेद क्लिनिक दोनों में ही कार्य कर सकते हैं।

इसके साथ ही आप निजी आयुर्वेद प्रैक्टिस भी कर सकते हैं ।

बिजनेस करने के बाद आपको इन पदों के लिए नियुक्त किया जाता है। ।

  • आयुर्वेदिक डॉक्टर
  • लेक्चरर
  • जूनियर क्लीनिकल ट्रायल कोऑर्डिनेटर
  • फार्मासिस्ट
  • साइंटिस्ट

बीएमएस करने के बाद पतंजलि आयुर्वेदिक, डाबर इंडिया लिमिटेड, वैद्यनाथ, सूर्य हर्बल लिमिटेड इत्यादि जैसी बड़ी कंपनियों के साथ कार्य कर पाएंगे।

BAMS सैलरी

यह कोर्स करने के बाद बीएमएस ग्रेजुएट की औसतन सैलरी 4 लाख से ₹8 लाख तक हो सकती है।

शुरुआती समय में आपकी सैलरी ₹4 लाख तक हो सकती और आपके अनुभव के साथ या 12 लाख तक पहुंच जाती है। या वेतन प्रति वर्ष और अनुमानित वेतन बताया गया।

निष्कर्ष

इस लेख में अपनी जाना एमएस क्या होता है बीएमएस कोर्स के दौरान फीस कितनी होती है और करने के बाद स्कोर पर फ्यूचर क्या है। साथिया नहीं जाना कि बीएमएस कोर्स में एडमिशन किस प्रकार लेना है।

फिर भी आपका कोई सवाल छूट गया है तो हमें कमेंट करके बताइए जरूर।

धन्यवाद।

FAQs

Q. BAMS का क्या मतलब है?

बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी होता है।

Q. क्या BAMS एक डॉक्टर है?

जी हां , BAMS करने के बाद आप एक डाक्टर बन जाते है।

Q. BAMS डॉक्टर का वेतन क्या है?

इस लेख में आपको बीएमएस डॉक्टर का वेतन विस्तारपूर्वक समझाया गया है। बीएमएस डॉक्टर का वेतन सामान्यता 4,00,000 से 12,00,000 तक हो सकता है।

Q. क्या बीएएमएस एमबीबीएस के बराबर है?

एमएस और एमबीबीएस दोनों ही बराबर होते हैं।

Q. क्या नीट के बिना BAMS कर सकते हैं?

हां , आप निजी कॉलेजों से बीएमएस कर सकते हैं

Q. क्या मुझे BAMS के बाद सरकारी नौकरी मिल सकती है?

जी हां,

Q. क्या BAMS का छात्र NEET दे सकता है?

हां

Q. क्या मैं NEET में 300 अंकों के साथ BAMS कर सकता हूँ?

सरकारी कॉलेजों में दाखिला के लिए कम से कम आपके नीट (NEET)परीक्षा में साढे 400 अंक होने चाहिए।

Q. क्या BAMS के लिए संस्कृत अनिवार्य है?

हाँ यह सही है। संस्कृत प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम में शामिल विषयों में से एक है। और चूँकि कई प्राचीन आयुर्वेदिक साहित्य संस्कृत में लिखे गए हैं, इसलिए भाषा की आवश्यकता BAMS में है।

Q. मैं 12वीं के बाद BAMS कैसे कर सकता हूं?

आप बारहवीं कक्षा के बाद बीएमएस में निजी विश्वविद्यालय से डायरेक्ट एडमिशन या फिर आप प्रवेश परीक्षा देकर सरकारी कॉलेजों में एडमिशन प्राप्त कर सकते हैं।

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