नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है आपकी अपनी वेबसाइट Hindimaijaane.com । आज के लेख में हम जानेंगे एमडी मेडिसिन के बारे में।

एमडी मेडिसिन(MD Medicine) और एमबीबीएस(M.B.B.S) में क्या अंतर होता है। एमडी मेडिसिन में स्पेशलाइजेशन किन-किन क्षेत्रों में कर सकते हैं तथा इसके बाद क्या करियर स्कोप होने वाला। इसके साथ ही जानेंगे MD मेडिसिन के टॉप कॉलेजेस और कोर्स की फीस क्या होती है।

MD Medicine

MD Medicine-एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) एक पोस्टग्रेजुएट डिग्री है जिसमें ग्रेजुएट्स मेडिसिन का गहराई से अध्ययन करते हैं। यह तीन साल का कार्यक्रम है जो मेडिकल छात्रों को वयस्क रोगों पर शोध, रोकथाम, निदान और उपचार के लिए तैयार करता है।

एमबीबीएस

भारत में एमबीबीएस में एडमिशन लेने के लिए नीट(NEET) की परीक्षा कराई जाती है लेकिन वर्ष 2020 से पहले ऐम्स और जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च के लिए अलग से प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती थी लेकिन कोविड-19 के बाद से इन कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए भी नीट परीक्षा अनिवार्य कर दी गई हैं।।

इसके साथ ही एमबीबीएस कोर्स पहले 5 वर्ष और 6 महीने की अवधि का हुआ करता था लेकिन अब यह 4 वर्ष 2 महीने की अवधि का कोर्स कर दिया गया है। कैंडिडेट को इसी के दौरान 1 वर्ष की इंटर्नशिप भी करनी आवश्यक होती है।

एमबीबीएस कोर्स करने के बाद जब आप डॉक्टर बन जाते हैं तो आपके पास दो ऑप्शन होते हैं एम एस(MS) या फिर एमडी(MD) कोर्स करने का यह छात्र के इंटरेस्ट पर होता है कि वह MD कोर्स करना चाहता है या फिर MS कोर्स।

MD- Doctors of Medicine

MS- Master Of Surgery

NEET PG का संचालन राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE) द्वारा किया जाता है, जबकि INI CET का संचालन एम्स, नई दिल्ली द्वारा किया जाता है। भारत में, एमडी पाठ्यक्रम तीन साल तक चलता है, इस दौरान चिकित्सकों को निम्नलिखित में से एक विशेषता का चयन करना होगा।

MD Medicine एलिजिबिलिटी

भारत में यदि आप एमडी कोर्स करना चाहते हैं तो आपको पहले एमडी के लिए पात्रता मापदंड को जान लेना जरूरी होगा।

  • आपके पास एमबीबीएस डिग्री होना आवश्यक है जो कि भारत के किसी रिकॉग्नाइज्ड मेडिकल कॉलेज और इंस्टीट्यूट से होनी आवश्यक है।
  • भारत के सरकारी कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए आपको NEET PG में अच्छी रैंक लानी आवश्यक होगी।
  • प्रत्येक सरकारी कॉलेज की अलग-अलग NEET PG रैंक होती है।

मेडिकल में करियर

यदि आप मेडिकल फील्ड में अपना करियर बनाने में रूचि रखते है तो आप हमारी मेडिकल क्षेत्र से जुडी हुई अन्य लेख पढ़ सकते है। पढ़ने के लिए क्लिक करे।

MD Medicine (एमडी मेडिसिन) एडमिशन प्रोसेस

जिन छात्रों को भारत में एमडी Medicine करने की इच्छा है वह सभी छात्र मेडिसिन के योग्य होने चाहिए। एमडी मेडिसिन की योग्यता उपर आपको बता दी गई है।

एमडी मेडिसिन में एडमिशन लेने के लिए NEET PG की रैंक के आधार पर एडमिशन होता है।। आपको NEET PG के बारे में जानकारी के लिए NTA की वेबसाइट पर जानकारी मिल जाएगी। प्रत्येक वर्ष में एक बार NEET PG परीक्षा करवाई जाती है।

NEET PG के रिजल्ट के आने के बाद मेरिट लिस्ट जारी कर दी जाती तथा फिर छात्र काउंसलिंग करवाकर एडमिशन प्राप्त कर सकते हैं।

इसके अलावा भारत में कई ऐसे भी को Medical कॉलेज व इंस्टीट्यूट है जो अपना खुद का प्रवेश परीक्षा का आयोजन करते हैं ताकि वह एमडी मेडिसिन कोर्स में एडमिशन ले सकें इसके अलावा कुछ कॉलेजों में डायरेक्ट भर्ती भी होती जो मुख्यतः प्राइवेट कॉलेज होते हैं लेकिन उनमें भी कुछ मापदंड होते है जिन्हे कैंडिडेट्स को पूरा करना होता है।

नीचे आपको कुछ एमडी मेडिसिन कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षाओं के नाम दिए जा रहे हैं।

MD Medicine Entrance Exams

एमडी मेडिसिन के लिए कुछ प्रवेश परीक्षाएं नीचे दी गई हैं:

  • अखिल भारतीय डीएम / एम.सीएच। प्रवेश परीक्षा
  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान प्रवेश परीक्षा (एम्स)
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा
  • दिल्ली विश्वविद्यालय सुपर स्पेशलिटी प्रवेश परीक्षा – DUMET
  • मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान (IHBAS)

एमडी मेडिसिन कोर्स सिलेबस(MD Medicine Syllabus)

चलिए हम जानते हैं एमडी मेडिसिन कोर्स का सिलेबस क्या रहता है तथा यह 3 वर्ष का कोर्स है 6 सत्र में विभाजित किया जाता है।

Semester 1 Semester 2
Applied basic science knowledgeBiostatics and clinical epidemiology
Disease with reference to generalDiagnostic investigation and procedures
Recent advances in medicine
1st Year.

Semester 3Semester 4
Monitoring seriously ill patientAbility to carry out research
Counseling patients and relativesWard patient management
Ability to teach undergraduate studentsOPD patient management
2 nd Year.

Semester 5Semester 6
Long and short topic presentationJournal conferences
Ward rounds, case presentations, and discussionsPG case presentation skills
Clinico radiological and clean up pathological conferencesResearch review
3 Year.

MD-मेडिसिन शीर्ष कॉलेज

  • जवाहरलाल इंस्टीट्यूट आफ पोस्टग्रेजुएट पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च।
  • आर्म्ड फोर्सज मेडिकल कॉलेज।
  • मद्रास मेडिकल कॉलेज।
  • लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज।
  • मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज
  • ऐम्स।

एमडी मेडिसिन स्कोप

जब आप एमबीबीएस कोर्स कर लेते हैं तो आप एक डॉक्टर बन जाते लेकिन यदि आप चाहते हैं कि डॉक्टर के बाद ही किसी क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन प्राप्त करें तो आप एमडी मेडिसिन कर सकते है या फिर आप MS Surgery । MD मेडिसिन कोर्स करने के बाद आपके पास जॉब व कैरियर में कई अन्य विकल्प भी होते हैं जैसे यहां पर आपको नीचे एक सारणी में बताया गया है कि अन्य मेडिसन करने के बाद आप किन-किन पदों पर कार्य करते हैं तथा उनकी वार्षिक सैलरी क्या होती।नीचे उल्लेखित सैलरी अनुमानित सैलरी है। यह सैलरी फिक्स नहीं है हो सकता है की आपकी सैलरी इस से काम या अधिक भी हो।

Job PositionAverage annual salary
General practitioner3-6 Lacs
Bacteriologist2-4 Lacs
Obstetrician3-5 Lacs
Anesthesiologist3.4 – 4.4 Lacs
Job Positions After MD Medicine

MD Medicine specialization

  • Anatomy
  • Biophysics
  • Community Medicine
  • Anesthesiology.
  • Dermatology and Venereology
  • Medicine.
  • Microbiology.
  • Nuclear medicine.
  • Pathology.
  • Pediatrics.
  • Pharmacology
  • Physiology
  • Physical medicine and rehabilitation
  • Radiodiagnosis
  • Radiotherapy.

Master of Surgery specialization

  • surgery.
  • Orthopedics.
  • Otorhinolaryngology (ENT).

MD Medicine Course Fees

अभी तक आप जान चुके हैं MD Medicine कोर्स क्या होता है तथा इसमें किस प्रकार से एडमिशन प्राप्त किया जाता है एडमिशन लेने की क्या प्रक्रिया तथा इस कोर्स मैं कौन-कौन सी स्पेशलाइजेशन उपलब्ध है अब हम जानते हैं कि इस कोर्स को करने के लिए कितनी फीस लगती होगी।

जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट आफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च कॉलेज में इस कोर्स की फीस ₹11000 प्रति वर्ष तथा आम फोर्स मेडिकल कॉलेज में 6000 प्रति वर्ष है।

सामान्यत सरकारी कॉलेजों की फीस अमूमन 10,000 से लेकर ₹90000 तक होती हैं। वहीं पर बात करें प्राइवेट कॉलेजों की फीस, प्राइवेट कॉलेजों की फीस सामान्यतः 40,000 से लेकर ₹2,00,000 प्रति वर्ष तक होती है यह कॉलेज व इंस्टिट्यूट पर निर्भर होती है कि आप किस कॉलेज से एमडी मेडिसिन कर रहे।

निष्कर्ष

अपनी इस लेख में जाना कि एमडी मेडिसिन क्या होता है तथा एमडी मेडिसिन फॉर एमबीबीएस में क्या अंतर है तथा एम एस वाय एम डी में क्या अंतर होता। आशा करता हूं कि आप के सभी सवालों के जवाब में इस लेख में दे पाया हूं लेकिन यदि आपका फिर भी एमडी से संबंधित कोई सवाल रह गया तो आप हमें कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं या फिर आप हमें हमारी मेल पर हमें लिख सकते हैं।

FAQs.

MD Medicine फुल फॉर्म क्या है ?

MD Medicine फुल फॉर्म -Doctor of Medicine

क्या बिना एमबीबीएस की कोई व्यक्ति एमडी कर सकता है?.

जी नहीं भारत में ऐसा संभव नहीं है। यदि आप एमडी करना चाहते तो आपको सब प्रथम एमबीबीएस करनी आवश्यक होती है।

क्या एमबीबीएस कोर्स करने के लिए नीट का एग्जाम देना आवश्यक है

जी हम भारत में यदि आप एमबीबीएस करना चाहते हैं वह भी सरकारी कॉलेज से तो आपको नेट की प्रवेश परीक्षा देने अवश्य होती है।

एमडी मेडिसिन कितने साल का कोर्स होता

एमडी मेडिसिन एक 3 वर्ष का कोर्स होता है।

एमडी डॉक्टर क्या करते हैं

सामान्यत एमडी डॉक्टर दवाइयों के माध्यम से स्पेसिफिक कंडीशन के पेशेंट का उपचार करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.