“जिंदगी के हर पल का हिसाब रखते हैं,

ऊंची उड़ान का हमेशा ख्वाब रखते हैं।”

क्या आपका सपना बचपन से ही एक Pilot बनने का रहा है?, क्या आप एक पायलट बनना चाहते हैं ?

यदि हां तो यह लेख आपके लिए ही है।

आज के इस लेख में हम जानेंगे कि किस तरह आप एक पायलट बन सकते हैं भारत में पायलट बनने की क्या प्रक्रिया है तथा पायलट बनने के लिए कौन-कौन से प्रवेश परीक्षाएं या कौन-कौन से एग्जाम देने पड़ते हैं तथा पायलट बनने के लिए कौन सा कोर्स करना पड़ता है इसके साथ ही पायलट बनने के लिए कितना खर्चा आता है।पायलट बनने के फायदे और नुकसान भी जानेंगे।

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विषय सूची

Pilot कौन होता है ?

पायलट को एविएटर(Aviator) भी कहा जाता है। एक विमान पायलट या एविएटर वह व्यक्ति होता है जो अपने दिशात्मक उड़ान नियंत्रणों को संचालित करके किसी विमान की उड़ान को नियंत्रित करता है।

चलिए अब जानते हैं कि पायलट कितने प्रकार के होते हैं।

Pilot कितने प्रकर के होते हैं ?

फाइटर पायलट, हेलीकॉप्टर पायलट, ट्रांसपोर्ट पायलट, सपोर्ट पायलट एंड कमर्शियल पायलट यह सभी पायलट के प्रकार होते हैं।

जैसा कि इन सभी पायलट के नाम से ही पता चल रहा है कि वह कौन सा विमान उड़ाते हैं।

कमर्शियल पायलट गन पायलट होते हैं जो किसी एयरलाइन सेवा में कार्य करते हैं तथा जो पैसेंजर विमानों को एक जगह से दूसरी जगह में ले जाते हैं।

विमानन(एविएशन) क्या होता है ?

यांत्रिक उड़ान और विमान उद्योग के आसपास की गतिविधियों को विमानन कहा जाता है। फिक्स्ड विंग रोटरी विंग एयरक्राफ्ट विंग्लेस लिफ्टिंग बॉडी और लाइट से एयर वेसल जैसे हॉट एयर बलून और एयरशिप सभी एयरक्राफ्ट के उदाहरण होते हैं।

अभी तक आप देख चुके हैं कि पायलट कौन हो तो बता पायलट के कितने प्रकार होते हैं।

चलिए हम अपने लेख में आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि आप पायलट कैसे बन सकते हैं।

पायलट(Pilot) बनने के लिये पात्रता मानदंड

1.उम्मीदवार की आंखों की रोशनी 6/6 और 6/9 होनी चाहिए।
2.उम्मीदवार को कलर ब्लाइंडनेस नहीं होनी चाहिए।
3.भारत में पायलट बनने की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है लेकिन यह पायलट के प्रकार पर निर्भर करता है।

  1. उम्मीदवार के पास किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
  2. एक पायलट के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊंचाई 162.5 सेमी(5’3) है
  3. अपने फिजिकल फिटनेस का जरूर ध्यान रखे।

Pilot कैसे बने ?

नीचे आपको अवलोकन दिया गया है की आप कैसे पायलट बन सकते है उसके बाद हमने इन सभी को विस्तार में बातया है

  1. दसवीं कक्षा पास करने के बाद आप साइंस स्ट्रीम चुने।
  2. आपके पास 11वीं तथा 12वीं कक्षा में फिजिक्स केमिस्ट्री मैथ सब्जेक्ट आवश्यक होने चाहिए।
  3. 12वीं कक्षा में कम से कम 50% अंक प्राप्त करें।
  4. बारहवीं कक्षा के बाद एक बैचलर डिग्री प्राप्त करें।
  5. इंग्लिश भाषा में अपनी पकड़ मजबूत करें।
  6. यदि आपने साइंस स्ट्रीम 10th के बाद नहीं लेते तो आप ओपन लर्निंग स्कूल से कर सकते हैं।
  7. किसी फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन प्राप्त करें।
  8. आवश्यक उड़ान घंटे प्राप्त करें।
  9. लाइसेंस प्राप्त करें।

चलिए अब इन सभी प्रक्रियाओं को विस्तार से जानते हैं कि आप 12वीं के बाद किस तरह से पायलट बन सकती है।आप 12वीं के बाद दो रास्ते से भारत में पायलट बन सकते हैं

  1. एनडीए(NDA) के माध्यम से
  2. फ्लाइंग स्कूल के माध्यम से

भारतीय वायु सेना माध्यम से (Indian Air Force )

Here first paste benefits of Value of Indian Air force

गौरव के साथ आसमान तक पहुंचने के लिए नौकरी के सबसे अच्छे विकल्पों में से एक भारतीय वायु सेना है। बहुत सारा पैसा खर्च करने के बाद भी, आप एक ऐसा जीवन जी सकते हैं जो आपको नागरिक जीवन में कभी नहीं मिलेगा। यदि आप भारत देश की सेवा करना चाहते हैं और अपने आप को भारतीय सेना का हिस्सा देखते आप एनडीए का एग्जाम दे सकते हैं।

यदि आपके पास बजट की कमी है या फिर आप कम पैसों में एक पायलट बनना चाहते हैं तो यह तरीका आपके लिए आवश्यक है

एनडीए(NDA) का एग्जाम प्रत्येक वर्ष होता है। इस एग्जाम को क्वालीफाई करने के बाद आपकी फिजिकल टेस्ट होता है यह सब क्लेरिफाई करने के बाद आपको National Defence Acadmey द्वारा पायलट बनने की ट्रेनिंग दी जाती है यह ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आप इंडियन एयर फोर्स फ्लाइंग ब्रांच में कार्य कर सकते हैं।

एनडीए के माध्यम से आप 3 वर्ष के अंतर्गत एक पायलट बन जाते है फिर आपको भारत की सेवा करने का मौका मिलता है।

एनडीए के प्रवेश परीक्षा में इंग्लिश ज्योग्राफी हिस्ट्री जनरल नॉलेज फिजिक्स मैथ केमिस्ट्री और इसके साथ-साथ करंट इवेंट पर सवाल पूछे जाते हैं।

भारतीय वायुसेना में पायलट बनने के चार रास्ते होते हैं। रास्ते कुछ इस प्रकार है ।

  • NDA( National Defence Academy)
  • CDSE(Combined Defence Services Examination)
  • SSCE(Short Service Commision Entry)
  • NCC(National Cadet Corps)

यदि आप कमर्सिअल पायलट बनना चाहते है तो आपको भारतीय वायु सेना में कम से कम 3 वर्ष की सेवा करना आवश्यक होता है उसके बाद ही आप कमर्शियल पायलट के लिए आवदेन कर सकते है ।

फिर आपको एग्जाम देने होते हैं इन परीक्षाओं में आप जब तीन हो जाते हैं तो उसके बाद आपके इंटरव्यू टेस्ट होते हैं। जब आप इन सभी को में उत्तीर्ण हो जाते हैं तो आप एक पायलट बन जाते हैं ।

सिविल एविएशन के माध्यम से

चलिए अब हम जानते हैं कि आप बिना इंडियन एयर फोर्स में जाए किस तरह से आप पायलट बन सकते हैं।

DGCA:Directorate General of Civil Aviation

आपको पायलट बनने के लिए सबसे पहले एक कमर्शियल पायलट का सर्टिफिकेशन लेना होता है जो कि भारत मैं डीजीसीए(DGCA) द्वारा प्रमाणित किया जाता है। DGCA से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए लाइसेंस की सभी योग्तयों को पूरा करना होता है ,इस तरीके को नीचे लेख में विस्तार पूर्वक बताया गया है ।

12th कक्षा के बाद पायलट कैसे बने ?

चलिए अब हम विस्तार से जानते है की बिना Indian Air Force(IAF) में ज्वाइन किये किस तरह आप 12th के बाद पायलट बन सकते है

कदम 1: 11वीं कक्षा में PCM चुनें

12वीं कक्षा में फिजिक्स पीसीएम सब्जेक्ट है तथा कम से कम 50% अंक प्राप्त करें।

कदम 2:स्नातक की डिग्री प्राप्त करें

किसी भी सब्जेक्ट में एक स्नातक डिग्री प्राप्त करें। लेकिन आप एविएशन में ही डिग्री प्राप्त करते है तो आपके पायलट करियर में काफी ज्यादा मददगार साबित होगी। वैसे तो आप किसी भी क्षेत्र में स्नातक डिग्री(Bachelor Degree) प्राप्त कर सकते हैं।

एयरलाइन पायलटों के लिए किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री आवश्यक है, जबकि व्यावसायिक पायलटों के लिए सामान्य रूप से हाई स्कूल डिप्लोमा या समकक्ष आवश्यक है।

कदम 3. अच्छे फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन ले

एक अच्छे फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन ले । फ्लाइंग स्कूल से कमर्शियल पायलट की प्रक्रिया 18-24 महीने की होती है ।

कदम 4:उड़ान का अनुभव प्राप्त करें

यदि आपका सपना एक पायलट बनने का है तो आपको एक पायलट का लाइसेंस प्राप्त करना होगा।

पायलट लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपको कुछ निर्धारित घंटों की उड़ान पूरी करनी होगी। यह आपके द्वारा निर्धारित पायलट के लाइसेंस के प्रकार पर निर्भर करेगी कि आपको सीपीएल(CPL) लाइसेंस चाहिए या फिर Private Pilot License (PPL).

एक वाणिज्य पायलट(Commercial Pilot) की लाइसेंस के लिए आपको 250 घंटे की उड़ान की आवश्यकता होती है।

एयरलाइन पायलट के लिए आपको कम से कम 1500 घंटे की उड़ान प्रशिक्षण होना आवश्यक है।

कदम 5: स्टूडेंट पायलट लाइसेंस प्राप्त करें।

जब आप डीजीसीए(DGCA) द्वारा मान्यता प्राप्त फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन लेते है आपको स्टूडेंट पायलट लाइसेंस(SPL) दिया जाता है।इसके लिए भी आपको परीक्षाएं देनी होती है जो की आपके फ्लाइंग स्कूल द्वारा आयोजित की जाती है इस लाइसेंस के द्वारा आप एक Learner के तौर पर विमान उड़ाने की ट्रेनिंग ले सकते हैं।

कदम 6: प्राइवेट पायलट लाइसेंस प्राप्त करें।

यह लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपके पास कुल 60 घंटों का उड़ान प्रशिक्षण होना चाहिए। जैसे ही आप उड़ान के कुल घण्टे प्राप्त कर लेते हैं तो इसके बाद आपको प्राइवेट पायलट लाइसेंस(PPL) के लिए आवेदन करना होता है।

उड़ान का कुल समय इस तरह से विभाजित होता है -कुल उड़ान समय 40 घंटे तथा किसी प्रशिक्षक के साथ 20 घंटे का उड़ान प्रशिक्षण आवश्यक होता है।

कदम 7:कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए आवेदन करें।

कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए भी आपको कई टेस्ट पास करने होते हैं तथा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करना होता है । इसके साथ आपकी फिजिकल फिटनेस का भी टेस्ट लिया जाता हैं। इस लाइसेंस को मिलने के बाद आप किसी भी एयरलाइंस में विमान उड़ा सकते हैं।

कदम 8: टाइपराइटिंग ट्रेनिंग (TRT) पूरी करें:

टाइपराइटिंग ट्रेनिंग के द्वारा यह प्रमाणित किया जाता है कि एक विशिष्ट पायलट विशिष्ट प्रकार के विमानों को उड़ाने के लिए योग्य होता है। पायलट बनने के लिए पहला कदम निसंदेह प्रशिक्षण और लाइसेंस प्राप्त करना होता है तथा उसके बाद उड़ान के घंटे जमा करना है।

प्रत्येक विमान अलग-अलग तरह के होते हैं फ्लाइंग स्कूल के विमान और कार्यस्थल के विमान में अंतर होता है। विद्यार्थी फ्लाइंग स्कूल में बेसिक ट्रेनिंग प्राप्त कर लेते हैं तथा इसके साथ-साथ अपनी जिम्मेदारी संभालने लायक बन जाते हैं।

जब आप आवश्यक घंटों के परीक्षा प्रशिक्षण प्राप्त कर लेते हैं तो उसके बाद आपको एक परीक्षा देनी होती है तथा फिजिकल टेस्ट होता है।

“किसी भी परीक्षा परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए एक ही मंत्र होता है वह है

तैयारी

कदम 9 :पायलट नौकरी के लिए आवेदन करें

जब आप ऊपर लिखे सभी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर लेते है तब आपको कमेरिकाल पायलट का लाइसेंस मिल जाता है और उसके बाद आप किसी भी एयरलाइन में पायलट की नौकरी के लिए आवेदन कर सकते है।

कैडेट पायलट प्रोग्राम क्या है ?

कमर्शियल पायलट बनने के लिए आप कैडेट पायलट प्रोग्राम से जुड़ सकते हैं। यह प्रोग्राम एयरलाइंस द्वारा आयोजित कराया जाता है। प्रत्येक अलग-अलग एयरलाइंस का कैडेट पायलट प्रोग्राम भिन्न-भिन्न होता है। इनके प्रोग्राम में भी एग्जाम इंटरव्यू तथा मेडिकल टेस्ट लिए जाते हैं। यदि आप कैडेट पायलट प्रोग्राम में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं तो आपको पीआरटी की अलग से जरूरत नहीं पड़ती है। इस प्रोग्राम के तहत से आपका एयरलाइंस के साथ कॉन्ट्रैक्ट होता है पता जैसे ही आप की ट्रेनिंग अवधि पूरी हो जाती है उसके बाद आपको उसी एयरलाइंस में नौकरी मिल जाती है। जैसे ही आप की कॉन्ट्रैक्ट अवधि पूरी हो जाती है उसके बाद आप किसी भी अन्य एयरलाइंस के साथ कार्य कर सकते हैं।

सिविल एविएशन अथॉरिटी द्वारा लाइसेंस

  • प्राइवेट पायलट लाइसेंस(PPL)
  • कमर्शियल पायलट लाइसेंस(CPL)
  • मल्टी क्रू पायलट लाइसेंस (MPL)
  • एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (ATP)
  • सर्टिफाइड फ्लाइट इंस्ट्रक्टर (CFL)
  • कमर्शियल मल्टी इंजन लैड(CMEL)

एक स्टूडेंट पायलट लाइसेंस के लिए आपकी कम से कम आयु 16 वर्ष की होनी चाहिए तथा प्राइवेट पायलट लाइसेंस के लिए आपकी कम से कम उम्र 17 वर्ष की और एक कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए आपकी कम से कम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।

अन्य प्रशिक्षण और परीक्षण को पूरा करें

अधिकतर एयरलाइन कंपनियां आप को रोजगार के लिए पूर्व शर्त के रूप में योगदान और मनोवैज्ञानिक परीक्षण करने के लिए पायलटों की आवश्यकता होती है । आपको इसके बाद कई हफ्तों के प्रशिक्षण और उड़ान के अनुभव से गुजारने होते हैं। यदि आप किसी प्रमुख एयरलाइंस या फिर इंटरनेशनल एयरलाइन में कार्य करना चाहते हैं तो उससे पहले आपको क्षेत्रीय एयरलाइन में अनुभव प्राप्त करना काफी ज्यादा फायदेमंद होता है।

बेस्ट कॉलेज इन इंडिया

पायलट बनने की दिशा में आपको एक अच्छे कॉलेज/इंस्टिट्ट का चयन करना होगा।

यहां पर आपको कुछ प्रसिद्ध कॉलेज विश्वविद्यालय और अकादेमिया के नाम पेश किये जा रहे है जो आपको एक पेशेवर पायलट के रूप में आपके भविष्य का निर्माण के लिए आवश्यक, तकनीकी कौशल तथा एविएशन में नीव प्रदान करते है।

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी
  • राजीव गांधी अकैडमी एवियशन टेक्नोलॉजी
  • नेशनल फ्लाइंग ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट
  • बॉम्बे फ्लाइंग क्लब
  • अहमदाबाद एवियशन एंड एयरोनॉटिक्स लिमिटेड
  • गवर्नमेंट एवियशन ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट
  • ओरियंट फ्लाइंग स्कूल
  • इंस्टीट्यूट आफ एवियशन एंड एवियशन सेफ्टी
  • पुदुचेरी ठाकुर कॉलेज ऑफ एविएशन
  • इंडिगो कैडेट ट्रेनिंग प्रोग्राम
  • मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब

पायलट बनने के लिऐ कितनी फीस लगती हैं?

पायलट बनने की फीस कितनी होगी है ? यह आपके द्वारा ज्वाइन किए गए इंस्टिट्यूट पर निर्भर करता है। सामान्यत फ्लाइंग स्कूल की फीस 15 से 20 लाख रुपए तक होती है। पायलट बनने की के लिए आपको काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं यहां पर आपको पूरा खर्चा खुद ही उठाना पड़ता है लेकिन यदि आपके पास कम पैसे हैं तो आप भारतीय वायु सेना के माध्यम से एक कमर्शियल पायलट बन सकते हैं। जैसा कि आपको लेख में पहले ही बताया जा चुका है।

पायलट बनने के लिए आवश्यक कौशल

एक एक अच्छा वह शानदार पायलट में निम्नलिखित कौशल होते हैं

  • बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स
  • अच्छा IQ
  • मजबूत फोकस
  • मल्टी टास्किंग
  • मानसिक स्थिरता और शारीरिक फिटनेस
  • टीम प्लेयर
  • आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking )
  • कम समय में सही निर्णय लेना।
  • उत्कृषता के लिए निरंतर प्रयासरत
  • उच्च स्तरीय लचीलापन
  • मजबूत तकनीकी कौशल
  • इंग्लिश भाषा पर काफी अच्छी पकड़

भारत में पायलट के प्रमुख भर्तीकर्ता

जब आप सभी प्रकार की परीक्षाओं और टेस्ट में उत्तीर्ण होते हैं तथा आप सफलतापूर्वक एक लाइसेंस प्राप्त कर लेते हैं।

लाइसेंस प्राप्त करने के बाद आप इन प्रमुख कंपनियों में कार्य कर सकते हैं।

  • एयर इंडिया
  • एयर एशिया
  • इंडिया जेट एयरवेज
  • स्पाइसजेट
  • इंडिगो
  • एलाइंस एयर

भारत में पायलट की सैलरी

एक पायलट का कार्य काफी ज्यादा चुनौतियों भरा होता है तथा एक पायलट पर काफी ज्यादा जिम्मेदारियां होती है।

इसी के चलते पायलट का औसतन वेतन काफी अच्छा होता है ।

कमर्शियल पायलट का प्रतिमाह वेतन ₹1,50,000 से ₹2,00,000 तक होता है। जो कि आपके अनुभव के साथ तथा आपके पदों के अनुसार बढ़ता रहता है।

नीचे आपको सारणी में कुछ पद तथा उनके वेतन बताए गए हैं।

जॉब प्रोफाइल्सप्रतिवर्ष वेतन (INR)
कमर्शियल पायलट17 Lakh
हेलीकॉप्टर पायलट18 Lakh
फाइटर पायलट7- 18 Lakh
सपोर्ट पायलट5.2 -8.2 lakh
ट्रांसपोर्ट पायलट16-23 Lakh
Pilot Salary Overview

पायलट बनने के फायदे

  • यह एक रोमांचक काम है।
  • मुफ्त में दुनिया भर में घूमने का मौका ।
  • उचित वेतन और लाभ।
  • अपना काम काम पर छोड़ दो।
  • आकर्षक लाभ और भत्ते ।

पायलट बनने के नुकसान

  • जूनियर पायलट कम आय अर्जित करते हैं।
  • एक बड़े प्रारंभिक निवेश की आवश्यकता है।
  • नए पायलटों के लिए यह एक कठिन दुनिया है।
  • एक नौकरी जो बेहद तनावपूर्ण है।
  • कोई निर्धारित दिनचर्या नहीं होती है।

“अगर आप समस्या पर ध्यान देंगे तो छोटी समस्या भी बड़ी लगेगी। यदि आप समाधान पर ध्यान देंगे तो आपके लिए बड़ी से बड़ी समस्या भी छोटी होगी

निष्कर्ष

आपने इस लेख में विस्तार से जाना की पायलट कैसे बने ? पायलट बनने के लिए क्या योग्तया होनी चाहिए ,फीस कितनी होगी , पायलट की सैलरी कितनी होती है? पायलट कितने प्रकार के होते है।

उम्मीद करता हु की आपको यह लेख पसंद आया होगा अगर आपको यह लेख मूल्यवान लगता है तो इसे आपने प्रियजानो के साथ शेयर करे।
यदि आपका कोई सवाल है तोह आप हमें कमैंट्स में पूछ सकते है।

FAQs On Pilot

Q. क्या आर्ट्स वाले छात्र भी पायलट बन सकते हैं

पायलट बनने के लिए आपके पास होना आवश्यक है

Q. क्या Commerce वाले छात्र भी पायलट बन सकते हैं

हां, Commerce के छात्र पायलट प्रशिक्षण के लिए पात्र हैं। वाणिज्य पृष्ठभूमि या अपने हाई स्कूल में गैर-विज्ञान विषयों से कोई भी व्यक्ति एक उड़ान स्कूल में नामांकन कर सकता है। जब तक छात्र अपनी 12 वीं कक्षा पूरी करता है, तब तक वह पायलट प्रशिक्षण के लिए पात्र होता है।

Q. DGCA क्या है

सामान्य भाषा में कहें तो यह भारत में एक ही कंडक्टिंग एजेंसी है जो एविएशन विभाग में नियम तथा रेगुलेशन को तय करती है इसके साथ ही डीजीसीए द्वारा ही पायलट सर्टिफाइड किया जाता है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय भारत में नागरिक उड्डयन को विनियमित करने के लिए भारतीय केंद्र सरकार का एक वैधानिक निकाय है।

Q. पायलट बनने के लिए कितनी फीस लगती है

15 लाख से 25 लाख रुपए तक

Q. पायलट की वार्षिक आय कितनी होती है

5 लाख से 23 लाख रुपए तक

Q. पायलट बनने के लिए क्या इंग्लिश आना आवश्यक है

जी हां इंग्लिश भाषा आवश्यक होती है क्योकि संचार के लिए इंग्लिश भाषा का प्रयोग किया जाता है

Q. भारत में पायलट बनने के लिए मुझे किस तरह की अंग्रेजी की आवश्यकता है

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एविएशन की भाषा अंग्रेजी है। इसलिए पायलट से यह नशा की जाती है कि पायलट लाइसेंस प्राप्त करने से पहले कम से कम उन्हें अंग्रेजी स्तर 4 तक आनी चाहिए।

Q. भारत में एयरलाइन पायलटों के लिए अधिकतम आयु क्या है

भारत में एयरलाइन पायलटों की सेवानिवृत्ति की आयु 67 वर्ष है।

Q. PPL license में कितना समय लगता है ?

आमतौर पर इस प्रशिक्षण में 6 से 12 महीने लगते हैं।

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